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देश को एक प्रामाणिक नेता की आवश्यकता- अनुराग ठाकुर
Tuesday, August 20, 2013
युवाओं का दृष्टिकोण सकारत्मक होता है, वे इतिहास के बोझ से दबे नही होते बल्कि एक नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का जज्बा रखते हैं। उन्हे अपने भविष्य के साथ समाज एवं राष्ट्र के कल्याण की चिंता होती है। उक्त बाते भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा श्री अरूण जेटली ने भारतीय जनता युवा मोर्चा की स्टडी सर्किल के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद से युवाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किया। श्री जेटली ने आगे कहा कि नेता दो तरह से पैदा होते है एक जो राजनेता के घर पैदा हुए दूसरे जो एक- एक सीढी चढकर मंजिल तक पहुँचते है। आज समस्या यह है कि देश की ज्यादातर पार्टियां एक व्यक्ति या एक परिवार की जागीर बनकर रह गयी है। जिसमें सर्किय रहने का अवसर तो कईयों को मिलता है लेकिन शीर्ष का पद उसी परिवार के सदस्य के पास होता है। इसे मैं वंशवाद मानता हूँ। साथ ही कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी के टकराव के मुख्य वैचारिक बिंदु कश्मीर है। जब कभी इसका इतिहास लिखा जाएगा तो यह निर्णय करना आवश्यक होगा कि इस मामले में कौन सही था डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी या पं0 जवाहर लाल नेहरू। श्री जेटली जी ने यह भी कहा कि दो देशों के शीर्ष नेताओं के बातचीत का माहौल व समय होता है, बातचीत किस स्तर पर की जाए यह भी कूटनीत होती है। कभी-कभी बातचीत न करना भी इसी कूटनीत का हिस्सा होता है। नेता वह होता है जो कठोर निर्णय ले सकें और प्रधानमंत्री वह हो जो पूरे दल का नेता हो। मैं मानता हूँ अगला चुनाव सरकार विरोधी भावना को लेकर होगा। इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मार्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2014 का चुनाव ऐसा बदलाव लेकर आएगा जिसमें भारतीय जनता पार्टी के सरकार बनेगी और श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री भी बनेगें। दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र एवं देश में अगर युवाओं की भूमिका नही होगी तो किसकी होगी? इस समय नौजवान भारत एक ऐसे नेता की आवश्यकता महसूस कर रहा जो देश में सुशासन एवं सशक्त लोकतन्त्र स्थापित कर सकें साथ ही हमारे शहीदों के अपमान का बदला भी ले सकें।

देश को एक प्रामाणिक नेता की आवश्यकता- अनुराग ठाकुर
Thursday, August 22, 2013
युवाओं का दृष्टिकोण सकारत्मक होता है, वे इतिहास के बोझ से दबे नही होते बल्कि एक नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का जज्बा रखते हैं। उन्हे अपने भविष्य के साथ समाज एवं राष्ट्र के कल्याण की चिंता होती है। उक्त बाते भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा श्री अरूण जेटली ने भारतीय जनता युवा मोर्चा की स्टडी सर्किल के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद से युवाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किया। श्री जेटली ने आगे कहा कि नेता दो तरह से पैदा होते है एक जो राजनेता के घर पैदा हुए दूसरे जो एक- एक सीढी चढकर मंजिल तक पहुँचते है। आज समस्या यह है कि देश की ज्यादातर पार्टियां एक व्यक्ति या एक परिवार की जागीर बनकर रह गयी है। जिसमें सर्किय रहने का अवसर तो कईयों को मिलता है लेकिन शीर्ष का पद उसी परिवार के सदस्य के पास होता है। इसे मैं वंशवाद मानता हूँ। साथ ही कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी के टकराव के मुख्य वैचारिक बिंदु कश्मीर है। जब कभी इसका इतिहास लिखा जाएगा तो यह निर्णय करना आवश्यक होगा कि इस मामले में कौन सही था डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी या पं0 जवाहर लाल नेहरू। श्री जेटली जी ने यह भी कहा कि दो देशों के शीर्ष नेताओं के बातचीत का माहौल व समय होता है, बातचीत किस स्तर पर की जाए यह भी कूटनीत होती है। कभी-कभी बातचीत न करना भी इसी कूटनीत का हिस्सा होता है। नेता वह होता है जो कठोर निर्णय ले सकें और प्रधानमंत्री वह हो जो पूरे दल का नेता हो। मैं मानता हूँ अगला चुनाव सरकार विरोधी भावना को लेकर होगा। इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मार्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2014 का चुनाव ऐसा बदलाव लेकर आएगा जिसमें भारतीय जनता पार्टी के सरकार बनेगी और श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री भी बनेगें। दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र एवं देश में अगर युवाओं की भूमिका नही होगी तो किसकी होगी? इस समय नौजवान भारत एक ऐसे नेता की आवश्यकता महसूस कर रहा जो देश में सुशासन एवं सशक्त लोकतन्त्र स्थापित कर सकें साथ ही हमारे शहीदों के अपमान का बदला भी ले सकें।

देश को एक प्रामाणिक नेता की आवश्यकता- अनुराग ठाकुर
Thursday, August 22, 2013
युवाओं का दृष्टिकोण सकारत्मक होता है, वे इतिहास के बोझ से दबे नही होते बल्कि एक नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का जज्बा रखते हैं। उन्हे अपने भविष्य के साथ समाज एवं राष्ट्र के कल्याण की चिंता होती है। उक्त बाते भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा श्री अरूण जेटली ने भारतीय जनता युवा मोर्चा की स्टडी सर्किल के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद से युवाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किया। श्री जेटली ने आगे कहा कि नेता दो तरह से पैदा होते है एक जो राजनेता के घर पैदा हुए दूसरे जो एक- एक सीढी चढकर मंजिल तक पहुँचते है। आज समस्या यह है कि देश की ज्यादातर पार्टियां एक व्यक्ति या एक परिवार की जागीर बनकर रह गयी है। जिसमें सर्किय रहने का अवसर तो कईयों को मिलता है लेकिन शीर्ष का पद उसी परिवार के सदस्य के पास होता है। इसे मैं वंशवाद मानता हूँ। साथ ही कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी के टकराव के मुख्य वैचारिक बिंदु कश्मीर है। जब कभी इसका इतिहास लिखा जाएगा तो यह निर्णय करना आवश्यक होगा कि इस मामले में कौन सही था डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी या पं0 जवाहर लाल नेहरू। श्री जेटली जी ने यह भी कहा कि दो देशों के शीर्ष नेताओं के बातचीत का माहौल व समय होता है, बातचीत किस स्तर पर की जाए यह भी कूटनीत होती है। कभी-कभी बातचीत न करना भी इसी कूटनीत का हिस्सा होता है। नेता वह होता है जो कठोर निर्णय ले सकें और प्रधानमंत्री वह हो जो पूरे दल का नेता हो। मैं मानता हूँ अगला चुनाव सरकार विरोधी भावना को लेकर होगा। इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मार्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2014 का चुनाव ऐसा बदलाव लेकर आएगा जिसमें भारतीय जनता पार्टी के सरकार बनेगी और श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री भी बनेगें। दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र एवं देश में अगर युवाओं की भूमिका नही होगी तो किसकी होगी? इस समय नौजवान भारत एक ऐसे नेता की आवश्यकता महसूस कर रहा जो देश में सुशासन एवं सशक्त लोकतन्त्र स्थापित कर सकें साथ ही हमारे शहीदों के अपमान का बदला भी ले सकें।

देश को एक प्रामाणिक नेता की आवश्यकता- अनुराग ठाकुर
Friday, October 11, 2013
युवाओं का दृष्टिकोण सकारत्मक होता है, वे इतिहास के बोझ से दबे नही होते बल्कि एक नई उम्मीद के साथ आगे बढ़ने का जज्बा रखते हैं। उन्हे अपने भविष्य के साथ समाज एवं राष्ट्र के कल्याण की चिंता होती है। उक्त बाते भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रतिपक्ष राज्यसभा श्री अरूण जेटली ने भारतीय जनता युवा मोर्चा की स्टडी सर्किल के द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद से युवाओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किया। श्री जेटली ने आगे कहा कि नेता दो तरह से पैदा होते है एक जो राजनेता के घर पैदा हुए दूसरे जो एक- एक सीढी चढकर मंजिल तक पहुँचते है। आज समस्या यह है कि देश की ज्यादातर पार्टियां एक व्यक्ति या एक परिवार की जागीर बनकर रह गयी है। जिसमें सर्किय रहने का अवसर तो कईयों को मिलता है लेकिन शीर्ष का पद उसी परिवार के सदस्य के पास होता है। इसे मैं वंशवाद मानता हूँ। साथ ही कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी के टकराव के मुख्य वैचारिक बिंदु कश्मीर है। जब कभी इसका इतिहास लिखा जाएगा तो यह निर्णय करना आवश्यक होगा कि इस मामले में कौन सही था डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी या पं0 जवाहर लाल नेहरू। श्री जेटली जी ने यह भी कहा कि दो देशों के शीर्ष नेताओं के बातचीत का माहौल व समय होता है, बातचीत किस स्तर पर की जाए यह भी कूटनीत होती है। कभी-कभी बातचीत न करना भी इसी कूटनीत का हिस्सा होता है। नेता वह होता है जो कठोर निर्णय ले सकें और प्रधानमंत्री वह हो जो पूरे दल का नेता हो। मैं मानता हूँ अगला चुनाव सरकार विरोधी भावना को लेकर होगा। इसी क्रम में भारतीय जनता युवा मार्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2014 का चुनाव ऐसा बदलाव लेकर आएगा जिसमें भारतीय जनता पार्टी के सरकार बनेगी और श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री भी बनेगें। दुनिया के सबसे बड़े लोकतन्त्र एवं देश में अगर युवाओं की भूमिका नही होगी तो किसकी होगी? इस समय नौजवान भारत एक ऐसे नेता की आवश्यकता महसूस कर रहा जो देश में सुशासन एवं सशक्त लोकतन्त्र स्थापित कर सकें साथ ही हमारे शहीदों के अपमान का बदला भी ले सकें।

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